प्राइवेट नौकरी के शुरवीर

प्राइवेट नौकरी के शुरवीर

हे प्राइवेट नौकरी के वीर तुम बढ़ते चलो , हे प्राइवेट नौकरी के धीर  तुम बढ़ते चलो 
हाथ में लैब टॉप डायरी पेन रहे  ड्रेस -बाल  सजा रहे सिर कभी ऊठे नहीं टीम तुम्हारी कभी रुके नहीं 
हे प्राइवेट नौकरी के वीर तुम बढ़ते चलो ,हे प्राइवेट नौकरी के धीर  तुम बढ़ते चलो 

प्राइवेट नौकरी के शुरवीर
सामने टारगेट का पहाड़ हो या फिर बॉस की दहाड़ हो तुम निडर हो हटो नहीं तुम बेशर्म हो डटो वही 
हे प्राइवेट नौकरी के वीर तुम बढ़ते चलो ,हे प्राइवेट नौकरी के धीर  तुम बढ़ते चलो 

प्राइवेट नौकरी के शुरवीर
बारिश आती रहे कीचड़ जमता रहे तुम क्लाइंट्स की मीटिंग करते रहो ,तुम मजबूर हो डटे रहो 
हे प्राइवेट नौकरी के वीर तुम बढ़ते चलो ,हे प्राइवेट नौकरी के धीर  तुम बढ़ते चलो 

प्राइवेट नौकरी के शुरवीर
सुबह हो की रात दिनभर टारगेट से परेशान हो ऊपर से बॉस की डाट से हैरान हो 
गर्मी हो या बरसात आएगी हरबार टारगेट की बात , सूरज हो तुम चाँद हो तुम 
परिवार की जान हो तुम , प्रमोसन के लिए डटे रहो तुम 
हे प्राइवेट नौकरी के वीर बढ़ते चलो तुम  ,हे प्राइवेट नौकरी के धीर बढ़ते चलो तुम 
 
प्राइवेट नौकरी के शुरवीर
पैसो की तंगी पुरे महीने , टारगेट का प्रेशर पुरे महीने , बॉस की डाट पुरे महीने 
खुशी देता वो आखरी दिन अपने जीवन के घोड़े हो तुम 
हे प्राइवेट नौकरी के शुरवीर बढ़ते चलो तुम  ,हे प्राइवेट नौकरी के धीर बढ़ते चलो तुम। 


                                              प्राइवेट नौकरी के शुरवीर

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