घोटालों का बाजार
घोटालों का बाजार बहुत ही पुराना ह औ र यह समस्या भारत क साथ ही नहीं बल्कि सब विकासील देशो क साथ ह परन्तु धीरे धीरे यह बहुत तेज गति से बढ़ रहा ह | और भारत इस लाइन मे बहुत आगे ह इसका सबसे बड़ा कारण ह राजनीति , कानून ,और पूंजी।
लेकिन ऐसा क्यो ,आज भारत एक घोटाले का समाधान करता ह और दूसरा तैयार रहता ह | आप इतिहास खोजो गे तो यह घटनाय बहुत सारी मिलैगी | और इसी कारण आज भी मेरा देश विकसित नहीं हो पाया , आज भी गरीब और गरीब ,अमीर और अमीर होता जा रहा ह यह सब कारण किसी न किसी घोटालेो का मायने रकता ह| आज एक एक रुपय को टैक्स मे कलेक्ट कर सरकार देश को विकाश की तरफ ले जाना चाहती ह परतू वही सरकार दूसरी तरफ अपने प्रॉफिट क लिए ऐसे लोगो का भी सहयोग करती ह जो दिखावा तो देश हित का करते ह परन्तु उनका माइंड और दूसरी जगह रहता ह उनका प्लान बहुत व्यस्थिक तरीके का होता ह| यह लोग केवल अपने शौक और अयासी क लिए सब काम करते ह | पैसे क प्यार मे पागल हो जाते ह उनको यह भी नहीं पता होता की इस घोटाले मे किस किस गरीब का पैसा आया ह और किस किस की बद्दुआए लगैगी | यदि इन्ही घोटालो क पैसो को देश की गरीबी पर खर्चा किया जाए तो जब सब लोगो को जिने क लिए बराबर का समान अधिकार ह तो फिर ऐसा कयू ,देश की गरीबी से हम सब वाकिफ ह और फिर १३० करोड़ की जनसंख्या का मलिक कोन |
यह घोटालों का बाजार शब्द छोटे ह पर इतिहास और लाइन बहुत लम्बी ह मतलब छोटी सी भाषा मे समजा जाय तो यही ह की सबको बराबरी का दर्जा मिले , कानून मे संसोधन किय जाय हर एक एक छोटी छोटी चीज़ो पर गौर किया जाय। ताकि देश का विकाश एक अच्छी गति पकड़ सके
आप का क्या कहना ह इस बाजार पर अपनी राय जरूर दे
थैंक्स फॉर योर ओपिनियन
देश का विकाश हम सब का विकाश - जय भारत जय किसान
ध्यान दे -यह मेरी निजी राय, विचार और सोच ह |
Comments