रिश्तो पर विश्वास
रिश्तो पर विश्वास
गुरुवार का दिन था सुबह के 11 बजे थे मै एक लाइफ insurance कम्पनी के ऑफिस गया था रिसेप्शन पर मै मेरी बारी का इन्तजार कर रहा था मेरे आगे एक बुजुर्ग अंकल का नंबर था उम्र होगी 65 के आसपास, उनकी और कंपनी के मैनेजर की बात में आराम से सुन रहा था , अंकल जी कह रहे थे मेने मेरे यूलिप प्लान की 3 किस्त एजेंट को दे दी थी और मैनेजर कह रहा था सर एजेंट नै तो एक ही किस्त जमा की है और आपकी पॉलिसी भी क्लोज हो गई है इरडा के नियम अनुसार एक किस्त के बाद पॉलिसी फोरक्लोज़ हुई थो आपका कोई रिफंड नहीं बनता है आप अपने एजेंट से बात करके इसका पता लगाओ की आपकी बाकी किस्त का पैसा कहा गया। कंपनी ने कस्टमर की वैल्यू समझते हुए आराम से सब चीज़े समझाई एजेंट से फ़ोन पर बात करवाई , क्लाइंट और एजेंट के फ़ोन कॉल पर लड़ाई हुई , लगभग 15 -20 मिनिट बाद बाबूजी शांत हुए , कई दिन से मेरा कॉल भी अटेंड नहीं कर रहा था और घर पर भी नहीं मिलता। कंपनी अधिकारी ने पूछ लिया बाबूजी एजेंट आपका जानकर था क्या , कुछ देर सोचने के बाद बाबूजी बोले - जी हा , मेरे साले साहब है , यह सुनकर मेरा माइंड सुन्न हो गया , यह कैसा रिस्ता ,लोग अपने स्वार्थ के लिए अपनों को भी नहीं छोड़ते ,बाबूजी की तो कोई गलती नहीं थी साले साहब का टारगेट भी करवाया , साले साहब को कमीशन भी आता , परन्तु साले साहब तो 2 किस्तों का पैसा खुद ही खा गए बची हुई एक क़िस्त जो कंपनी मै जमा थी उसका भी भला क्या मिलता यही कोई छोटा रकम , इन बातो ने यह साबित कर दिया की आदमी कोनसे रिश्ते पर विश्वास करे ,ऐसी घटना किसी के साथ भी घट सकती है , पर सवाल बहुत सारे है क्या रिश्तो पर विश्वास किया जाय, कैसे किया जाय , कोनसे पर किया जाए , क्या सही मै टाइम ऐसा आ गया है खुद के अलावा किसी की मत सोचो , पर इन सब से परे मेरा भारत है जहाँ हम एक परिवार की तरह रहते है रिश्तो को निभाते हे मेरी गुजारिश है स्वार्थ के लिए कोई काम नहीं करे , ऊपरवाला सब देख रहा हे आपने किसी को दुख दिया है तो याद रखना आपको दुःख डबल होकर मिलेगा ,
सब कुशल मंगल रहे रिश्तो की अहमियत को समजे , एक दूसरे की कद्र करे , जिंदगी केवल 4 दिन की है
हमेशा खुश रहो
नोट - यह कहानी केवल रिश्तो की अहमियत पर नजर रखने के लिए लिखी गई हे किसी की भावनाओ को ठेस देने का कोई उदेश्य नहीं हे
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