वाह क्या मैच था यह - एशिया कप फाइनल


वाह क्या मैच था यह

एक बात तो समझ आ गई की यह खेल कमजोर दिल वालो का नहीं ह, यह खेल जितना आसान ह उतना ही कठिन है दिल की धड़कने कब ऊपर नीचे हो जाए पता ही नहीं है
थोड़ा तो आप समझ ही गए होंगे की हम किसकी बात करने वाले है  , यह खेल ही कुछ ऐसा है हर भारतीय क खून मे बहता ह यह खेल क्रिकेट का है जनाब।

तारिक २८ sept २०१८ ,दुबई का यह इंटरनेशनल स्टेडियम ,टीमे आमने सामने भारत और बांग्लादेश ,किसको याद नहीं रहैगा ,सभी को उम्मीद थी की एशिया कप का फाइनल भारत और पाकिस्तान के बीच खेला जायगा
परन्तु हमेशा की तरह बांग्लादेश ने फिर सबको चौंका दिया , मैच स्टार्ट हुआ तो भारत ने टॉस जीतकर बॉलिंग को चुना , इसके बाद तो बांग्लादेश ऐसे स्टार्ट हुआ लगा की रोहित का यह डिसीज़न गलत हुआ , क्या पारी खेली लिटन दास ने ,फाइनल क्रिकेट मे सेंचुरी बनाने वाले ५ वे खिलाडी बन गए और अच्छा साथ दिया मेहदी हसन ने देकते ही देकते १२० रन की साझेदारी कर दी और अच्छा स्टार्ट दिया बांग्लादेश को ,परन्तु भारतीय टीम ने फिर वापसी की और बांग्लादेश को दुबारा मौका ही नहीं दिया अच्छा यह हुआ की सौम्य की सरकार कुछ टाइम चली और टारगेट दे दिया २२२ का ,भारतीय बॉलर्स नै अपना काम बखूबी किया, दुनिया भले बल्लेबाज को मोहताज मानती होगी परन्तु मेरी नजर मे इस  खेल की कहानी  ही गेंदबाजों द्वारा लिखी जाती ह जैसा इस मैच मे भी हुआ.
अब बारी आई इंडिया की सबको लगा की यह टारगेट भारत आसानी से हासिल कर लेगा परन्तु सामने बांग्लादेश कहा हार मानने वाला था भारत का पहला विकेट ३५  पर शिखर आउट हो गए उन्होने १५ रन का योगदान दिया उम्मीद रायडू से थी परन्तु वो भी खामोश रहे , उम्मीद जगाई हिट मैन ने परन्तु एक गलत शॉट और आउट। ८३-३ होते ही सारी उम्मीदे आ गईं धोनी और कार्तिक पर ,अच्छा खेलते हुए दोनों नै ५० के ऊपर की साझे दरी करी परन्तु कार्तिक एक गलत शॉट पर आउट हो गए ,उनकी जगह आए  दमदार जाधव ,परन्तु वो २-४ बॉल क बाद ही चोटिल हो गए खेल तोड़ी देर बंद चालू बंद चालू रहा और इसी बिच धोनी आउट हो गए
अब तो भारत पर संकट क बादल दिखने लगे ,परन्तु जाधव को कप्तान ने वापस बुला लिया और बारी आई जडेजा और भुवी की ,दोनों नै अपना साधारण खेल खेला और एक महत्वपूर्ण साझेधारी बनाई और खेल को टारगेट क पास तक लेकर गए ,उम्मीद जगी ही थी की दोनों आउट हो गए मैच की लास्ट बॉल पर जीत दिलाई केदार ने,मैच भारत ने जीता दिल जीता बांग्लादेश ने और भावनाओ को  जीत लिया दुबई के इस सुन्दर स्टेडियम ने यह मैच सदियों तक याद रखा जाएगा ,इसकी गूंज दुबई से लेकर पाकिस्तान और भारत ,श्री लंका होते हुए बांग्लादेश तक जायगी ,दर्शको का यह पैसा वसूल मैच रहा तो भारतीय फैन्स की नींद, रात को १ बजे बाद जाकर लोगो को शांति हुई। ना किसी का हाथ का नाखून बचा और नाही किसी की टेंशन ,

यह खेल ही कुछ ऐसा है जनाब सबको आसान लगता है पर दिल की धडक हमेशा चलती है और यह देखकर अच्छा लगा एशिया मे  बांग्लादेश अफगानिस्तान जैसी छोटी टीमें अब पलटवार करने मे सक्षम ह बादशाहत तो भारत की ह और हमेशा रहैगी परन्तु ऐसा मैच बहुत कम देख़ने को मिलता है , और हम सबको को एक जगह लाने वाले दुबई और अबूधाभी को बहुत सारा धन्यवाद,यह खेल ही ऐसा ह जनाब,यह दिल जीते जाते है मैच नहीं

एशिया कप फाइनल  की यह कहानी कई सालो तक याद रखी जायगी और एक ही लाइन होगी वाह क्या मैच था यह -
दिल से सभी टीमों को ,अम्पायर्स को ,कमेंट्री कर्ताओ को   ,लाइव प्रसारण कर्ताओ को , सभी दर्शको को ,सभी क्रिकेट बोर्ड्स को ,धन्यवाद
जय हिन्द विजय भारत।





Comments

Unknown said…
Lol I missed it, didn't watch

Popular posts from this blog

घोटालों का बाजार

एक लक्ष्य एक उम्मीद एक इंसान एक शान एक सपोर्ट एक जिंदगी