समझ
समझ
यह तो सबकी अपनी अपनी समझ ह कोई हालात को नहीं समझता कोई जज्बात को नहीं समझता।
यह तो अपनी अपनी समझ ह कोई कोरा कागज भी पढ़ लेता ह कोई पूरी किताब नहीं समझता।
कोई चेहरा पहचान कर बता देता ह कोई आखों के आँसू भी नहीं समझता ह।
यह तो अपनी अपनी समझ ह कोई आवाज से समझ लेता ह तो कोई अपने पन को भी नहीं समझता।
कोई गुनगुना ने से हालत समझ जाता ह कोई मजबुरियों का भी मजाक बनाता ह
यह तो अपनी अपनी समझ ह कोई बातों बातों मे बड़ी बड़ी बाते समझा देता ह और कोई छोटी छोटी बातों का बतंगड़ बना देता ह।
ए इंसान हर किसी के हालात को समझ हर किसी के जज्बात को समझ
यह जिंदगी युही बीत जायगी कोरा कागज भी पढ़ और पूरी किताब भी समझ
यह तो सबकी अपनी अपनी समझ ह कोई हालात को नहीं समझता कोई जज्बात को नहीं समझता।
यह तो अपनी अपनी समझ ह कोई कोरा कागज भी पढ़ लेता ह कोई पूरी किताब नहीं समझता।
कोई चेहरा पहचान कर बता देता ह कोई आखों के आँसू भी नहीं समझता ह।
यह तो अपनी अपनी समझ ह कोई आवाज से समझ लेता ह तो कोई अपने पन को भी नहीं समझता।
कोई गुनगुना ने से हालत समझ जाता ह कोई मजबुरियों का भी मजाक बनाता ह
यह तो अपनी अपनी समझ ह कोई बातों बातों मे बड़ी बड़ी बाते समझा देता ह और कोई छोटी छोटी बातों का बतंगड़ बना देता ह।
ए इंसान हर किसी के हालात को समझ हर किसी के जज्बात को समझ
यह जिंदगी युही बीत जायगी कोरा कागज भी पढ़ और पूरी किताब भी समझ
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