विश्व हिन्दी सम्मेलन
विश्व हिन्दी सम्मेलन
राष्ट्रभाषा के बिना राष्ट्र गूंगा है। मेरा यह मत है कि हिंदी ही हिन्दुस्तान की राष्ट्रभाषा हो सकती है और होनी चाहिए ।- महात्मा गाँधी
विश्व हिन्दी सम्मेलन हर 3 साल मे आयोजित होता ह 10 वा विश्व हिन्दी सम्मेलन 2015 भोपाल मे आयोजित हुआ था और अब 2018 मे यह मॉरीशस मे आयोजित होगा , पहले यह हर चार सालो क अंतराल पर आयोजित किया जाता था परन्तु अब यह अंतराल ३ साल का हो गया ह जनवरी 1975 से अब तक 10 बार आयोजन हो चूका ह जिसमे लन्दन समेत काफी देशो ने मेजबानी की ह विश्व हिन्दी सम्मेलन भाषा का महत्व बहुत आसान भाषा मे समजाता ह आज का हर नागरिक केवल अंग्रेजी क पीछे भाग रहा ह जरूरी भी ह भाई यदि विदेशो क साथ बराबरी करनी ह तो परन्तु ऐसा नहीं की हम हिंदी का महत्व ही भूल जाए , और एक बात ऐसा नहीं की बिना इंग्लिश क क्या हम दूसरे देशो की बराबरी नहीं कर सकते , बहुत सारे ऐसे देश ह जहा अंग्रेजी नहीं परन्तु उनकी भाषा ही बोली जाती ह और वो दुनिया मे अपना महत्वपूर्ण योगदान रकथा ह बात आज चीन की करो तो वहा क लोग केवल चाइनीज़ ही बोलते ह पर चीन ने अपना दुनिया भर मे कब्ज़ा कर रखा ह सबसे बड़ी दिखत तो यह की दूसरे देश हिंदी समजना चाहते ह और हम धीरे धीरे इसका महत्व भूलते जा रहे ह दिकत वो लोग पैदा कर रहे जिनको हिंदी साहित्य का ज्ञान नहीं ह साब यदि यह ज्ञान किसी नै ले लिया साहित्य समज लिया एक बार छंद काव्य पढ़ लिए एक बार रसपान कर लिया तो अपने आप पर गर्व महसूस करोगे और हिंदी का महत्व समझ जाओगे , हिंदी भाषा का पहले बोध वाकय वसुधैव कुटुम्बकम था | और अब यह ११ वे आयोजन का विषय वैश्विक हिंदी और भारतीय संस्कृति होगा , आयोजन स्थल "स्वामी विवेकानंद अंतर्राष्ट्रीय सभा केंद्र" मॉरीशस होगा | धन्यवाद ह भारत सरकार को ऐसे आयोजनों को लगातार करने क लिए पर जरुरत ह ऐसे और भी आयोजन बड़े बड़े लेवल पर किए जाए और हर भारतीय को इन सब मे सपोर्ट करना चाइय जिसे हम देश भाषा संस्कृति का बचाव कर सके और आने वाली पीढ़ी को सन्देश दे सके
किसान का विकाश हम सब का विकाश - जय भारत जय किसान
सेव नेचर सेव फ्यूचर
जय जवान जय किसान
ध्यान दे -यह मेरी निजी राय, विचार और सोच ह |

राष्ट्रभाषा के बिना राष्ट्र गूंगा है। मेरा यह मत है कि हिंदी ही हिन्दुस्तान की राष्ट्रभाषा हो सकती है और होनी चाहिए ।- महात्मा गाँधी
विश्व हिन्दी सम्मेलन हर 3 साल मे आयोजित होता ह 10 वा विश्व हिन्दी सम्मेलन 2015 भोपाल मे आयोजित हुआ था और अब 2018 मे यह मॉरीशस मे आयोजित होगा , पहले यह हर चार सालो क अंतराल पर आयोजित किया जाता था परन्तु अब यह अंतराल ३ साल का हो गया ह जनवरी 1975 से अब तक 10 बार आयोजन हो चूका ह जिसमे लन्दन समेत काफी देशो ने मेजबानी की ह विश्व हिन्दी सम्मेलन भाषा का महत्व बहुत आसान भाषा मे समजाता ह आज का हर नागरिक केवल अंग्रेजी क पीछे भाग रहा ह जरूरी भी ह भाई यदि विदेशो क साथ बराबरी करनी ह तो परन्तु ऐसा नहीं की हम हिंदी का महत्व ही भूल जाए , और एक बात ऐसा नहीं की बिना इंग्लिश क क्या हम दूसरे देशो की बराबरी नहीं कर सकते , बहुत सारे ऐसे देश ह जहा अंग्रेजी नहीं परन्तु उनकी भाषा ही बोली जाती ह और वो दुनिया मे अपना महत्वपूर्ण योगदान रकथा ह बात आज चीन की करो तो वहा क लोग केवल चाइनीज़ ही बोलते ह पर चीन ने अपना दुनिया भर मे कब्ज़ा कर रखा ह सबसे बड़ी दिखत तो यह की दूसरे देश हिंदी समजना चाहते ह और हम धीरे धीरे इसका महत्व भूलते जा रहे ह दिकत वो लोग पैदा कर रहे जिनको हिंदी साहित्य का ज्ञान नहीं ह साब यदि यह ज्ञान किसी नै ले लिया साहित्य समज लिया एक बार छंद काव्य पढ़ लिए एक बार रसपान कर लिया तो अपने आप पर गर्व महसूस करोगे और हिंदी का महत्व समझ जाओगे , हिंदी भाषा का पहले बोध वाकय वसुधैव कुटुम्बकम था | और अब यह ११ वे आयोजन का विषय वैश्विक हिंदी और भारतीय संस्कृति होगा , आयोजन स्थल "स्वामी विवेकानंद अंतर्राष्ट्रीय सभा केंद्र" मॉरीशस होगा | धन्यवाद ह भारत सरकार को ऐसे आयोजनों को लगातार करने क लिए पर जरुरत ह ऐसे और भी आयोजन बड़े बड़े लेवल पर किए जाए और हर भारतीय को इन सब मे सपोर्ट करना चाइय जिसे हम देश भाषा संस्कृति का बचाव कर सके और आने वाली पीढ़ी को सन्देश दे सके
किसान का विकाश हम सब का विकाश - जय भारत जय किसान
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ध्यान दे -यह मेरी निजी राय, विचार और सोच ह |

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