खेल की भावना

क्रिकेट  आज हमारे खून मे बस गया ह जूनून क साथ यह एन्जॉय का माध्यम तो ह ही साथ की  साथ बिज़नेस मे  भी बहुत बड़ा हो गया ह इसका आईडिया आप The Board of Control for Cricket in India(bcci ) की बैलेंस शीट देखकर लगा सकते ह  यह बोर्ड दुनिया का सबसे अमीर बोर्ड ह ,वैसे तो क्रिकेट 16 वी शताब्दी से ह परन्तु पहला अन्तर्राष्ट्रीय मैच 18 वी शताब्दी मे खेला गया था और आज 200 सालो मे क्रिकेट इतना बड़ा हो गया ह लोगो को इसकी उम्मीद भी नहीं थी क्रिकेट क लिए 1983 भारत का गोल्डन टाइम था वहाँ से स्टार्ट हुआ क्रिकेट इतना बड़ा हो गया की आज विश्व क्रिकेट मे हमारी कोई बराबरी नहीं कर सकता यह देश क लिए बहुत बड़ी गर्व की बात ह और जब सॅ भारत मे आईपीएल जैसा प्लेटफार्म आया ह गांव गांव तक क्रिकेट पहुंच गया ह और धीरे धीरे गावो से टैलेंट भी उभर रहा ह उभरते इस खेल क साथ भारत आज खेलो मे बहुत तेज गति से कदम बड़ा रहा ह क्रिकेट क बाद आज कबड्डी , बॉक्सिंग  ,और अन्य गेम्स भी आगे आ रहे ह कॉमनवेल्थ गेम्स भी देश हर बार अपना जलवा  रैंकिंग ऊपर कर रहा ह अब तो दूसरे देशो को भी हमारी खेल सकती का आभाष हो गया ह परन्तु इतना सबकुछ होने क बाद भी आज बहुत सारी चीज़ो पर ध्यान देने की जरुरत ह आज भी गावों से पूरा टैलेंट बहार नहीं आ  रहा ह कुछ लोगो ने राजनीती और खेल को मिला रखा ह कुछ लोगो क स्वार्थ क कारन ,कुछ लोगो की मजबूरियों क कारण आज भी अपनी प्रतिभा दिखाने से बहुत दूर ह बहुत सारे प्लेटफार्म केवल गलत लोगो की वजह से टैलेंट नहीं उभार पाते , पर यह सब चीज़े यदि लोगो क टैलेंट क बीच नहीं आए तो मेरा देश इतना टैलेंटेंड ह की किसी भी खेल की रैंकिंग मे अपने आप को न 1 पा सकता ह जैसा  खेल को खिलाडी खेल भावना से खेलते ह वैसे ही बहार से भी सारा सपोर्ट खेल भावना से मिले तो मेरा देश एक बहुत ऊपर बहुत बड़ी पहचान बना सकता ह मे धन्यवाद देना चाउंगा ऐसे लोगो को जिनकी वजह से हम इतना आगे आए पर आईपीएल जैसे और भी बहुत प्लेटफार्मो की जरुरत ह भारत को , खेल से शारारिक विकाश तो ह ही साथ की साथ देश की इकोनॉमी को भी बूस्टर मिलता ह और एक छोटा सा प्लेटफार्म लाखो लोगो क रोजगार का जरिया बनता ह , सब लोग खेल  खिलाड़ियों की ही तारीफ करते ह कोई भी लोग इस भावना पर जोर नहीं देते की सपोर्टिंग स्टाफ ने कितनी अच्छी पारी खेली ह यदि सुरक्षा टीम अपना बेस्ट नहीं देगी तो , ग्राउंड स्टाफ अपना काम नहीं करेगा तो ,यदि दर्शक नहीं आयंगे तो , कैमरे वाला काम नहीं करेगा तो , ऐसे ही छोटे छोटे बहुत काम ह जिनके बिना कोई बड़ा काम नहीं हो सकता ह , काम सब बराबर ह करने वाले सब बराबर ह तो भेदभाव किस काम का , सभी कामो को काम की भावना से किया जाय तो बड़े मुकाम हासिल किय जा सकते ह
यह लाइफ भी एक गेम की तरह ह जब तक गेम की भावना से खेलते रहैंगे चलती जायगी





देश का विकाश हम सब का विकाश - जय भारत जय किसान 


ध्यान दे -यह मेरी निजी राय, विचार और सोच ह |


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