आरक्षण
आरक्षण शब्द एक बार फिर चर्चा मे ह यह वर्ड हर बार कुछ ना कुछ वाद विवाद लेकर ही आता ह अब कोर्ट का फैसला क्या आया आधी जनता इदर आधी उधर , और फिर स्टार्ट हुआ वाद विवाद जिसका अंत हम सबको को पता ह क्या हुआ किसी को आरक्षण चाइय किसी को नहीं , अब इसमे कोर्ट क्या फैसला दे ,सब सरकारे भी अपना फिर राजनीती का मुद्दा बना रही ह पर एक बात किसी को समज नहीं आ रही की जो यह निर्दोष लोगो पर अत्याचार हो रहे ह इसका जिम्मेदार कोन , यह प्रश्न अपने आप मे बहुत बड़ा ह ,कुछ लोग इसको जातीगत मुद्दा ,कुछ सामाजिक मुद्दा ,कुछ चुनावी मुद्दा ,कुछ लोग भावनातमक मुद्दा ,आखिर हम सब इंडियन स एक ह तो सब क मुद्दे अलग कयु ,इसका एक ही कारण ह वो ह आरक्षण, सब लोग इस बात से वाकिफ भी ह परन्तु कोई भी लोग कोई भी सरकार इस बात ध्यान लगाय , आखिर ऐसा क्यों , इसका भी एक कारण ह वो ह आरक्षण,सरकार यदि आरक्षण को हटा दे तो फिर चुनावी मुद्दे क्या बनाएगी ,लोगो क साथ खेल कैसे खेलेगी , पर यह बात भी अब ध्यान मै रखनी पड़ैगी की यह जनता जनार्दन ह यह क्या नहीं कर सकता जब इनका खून खोले गा तो फिर कोई कही पर कुछ भी हो ,किसी का कोई भी मुद्दा हो , और धीरे धीरे अब जनता जाग रही ह सबसे यही आस की वो तोड़ी अपनी रफ़्तार तेज करे और हम सब को एक मंच पर आकर देश की इन आरक्षण जैसी समस्याओ को दूर करे ,नहीं तो आने वाली पीढ़ी क लिए यह बहुत खतरनाक हो सकता ह , और सरकार से भी यही आशा की वो देश का सपोर्ट करेगी |
थैंक्यू
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