हैप्पी होली
रंगो से भरी हुई हैप्पी होली
देकते ही देकते दिन बीते जा रहे ह कल्चर चेंज होता जा रहा ह बचपन मे लगता था की कोई त्यौहार आने वाला ह पर आजकल तो लाइफ इतनी बिजी हो गई ह की ना त्यौहार का पता लगता ह और ना लाइफ का पुराने जमाने मे लोग मिलजुल कर त्यौहार पर एक साथ एक ग्रुप मे एन्जॉय करते थे वो आज कल्चर ऐसा हो गया ह फैमली क लिए भी टाइम नहीं ह | त्योहारों का देश भारत बहुत पुराने समय से त्यौहार मनाता आ रहा ह हर एक त्यौहार क पीछे कोई ना कोई धार्मिक भावना का जुड़ाव ह | आजकल क कल्चर मे या तो धार्मिक भावनाए कम हो गई ह या लोग अपना पेट पालने मे इतना बिजी हो गे की सब भूल गए ह त्योहारों का महत्व दिनों दिन कम होता जा रहा ह सवाल अब यह ह की क्या आने वाले टाइम मे त्यौहारो का लोग महत्व समजंगे की नहीं | हर एक त्यौहार अपना एक सन्देश देता ह | होली का त्यौहार जो हम मनाने जा रहे यह सत्य पर विजय क लिए तो दूसरी और यह त्यौहार बसंत ऋतू क स्वागत क लिए मनाया जाता ह | जैसे जैसे टाइम बिता जा रहा लोगो हिंदी त्योहारों का महत्व भूलते जा रहे ह आधे लोगो को आज हिंदी महिने का दिन भी याद नहीं होगा | याद क लिय बता दू आज फाल्गुन माह की पूर्णिमा ह | टाइम क साथ बदलो दोस्तों पर अपनी संस्कृति का, त्योहारों का ख्याल रखना भी हमारा कर्तव्य ह आज क टाइम मे कुछ नहीं आते हुए भी आदमी अपने को ज्ञानवान समजता ह इसलिए वो केवल अपनी ही सुनता ह और पुराने लोग यदि राय भी देंगे तो भी उसको बूरे लगते ह जबकि यह नहीं पता होता की उन्होने उन सब एक्सपीरयंस का सामना किया ह जो आज हमको पता भी नहीं ह सलाह यही ह बड़े बुढो लोगो की कदर करो अपनी संस्कृति का ख्याल रखो त्योहारों का महत्व कम मत होने दो सब त्यौहार सब लोगो क साथ गीले सिक्वे दूर कर आपसी सहयोग की भावना और लोगो की कद्र क साथ मनाओ |
आदमी बातो से महान नहीं होता | छोटी छोटी बाते समजने से महान होता ह |
गुलाल से होली खेलो और अपना ख्याल रखो |
तुम भी झूमे मस्ती में,हम भी झूमे मस्ती में,
शोर हुआ सारी बस्ती में,झूमे सब होली की मस्ती में... हैप्पी होली
क्या मेरे देश मे बड़े बदलाव आयंगे। ......
आप भी अपनी राय दीजिए
थैंक्स फॉर योर ओपिनियन
किसान का विकाश हम सब का विकाश - जय भारत जय किसान
सेव नेचर सेव फ्यूचर
जय जवान जय किसान
ध्यान दे -यह मेरी निजी राय, विचार और सोच ह |
सेव नेचर सेव फ्यूचर
जय जवान जय किसान
ध्यान दे -यह मेरी निजी राय, विचार और सोच ह |
Comments