आरक्षण एक बीमारी

आरक्षण के बारे मै हम सब ने  अच्छी तरह सुना ह और आज हम सब यह जानते  ह की आज आरक्षण क कारण क्या क्या हो रहा ह
परन्तु क्या आरक्षण क बारे मे सरकार को पता नहीं ह या  सरकार जानबूझकर अनजान बनी हुई ह वैसे आरक्षण की शुरुवात 1892 से हुई थी परन्तु धीरे धीरे बढ़ता हुआ 1947 मे डॉ भीम राव जी नै 10 सालो क लिए लागु किया था परन्तु ऐसा नहीं था की वो 10 सालो हटाया नहीं जा सकता ह | डॉ  जी नै लोगो क हितो को ध्यान मे रखकर  यह लागु किया था परन्तु उनको भी नहीं पता था की आने वाले सालो मे सरकारे इसका राजनीती का मुद्दा बना लेगी और यह देश हित मे काम नहीं आएगा | जैसी जैसी राजनीती पार्टिया बड़ी होती गई वो इस मुद्द्य को बड़ा बना थी गई और अपना स्वार्थ को लेकर इस समस्या का कभी समाधान नहीं किया | 
 यदि कोई भी सरकार चाहती तो यह कर सकती थी परन्तु सरकार यह करती थो चुनावी मुदा का क्या बनाती | 
परन्तु यह आरक्षण  की बीमारी आज बहुत बड़ी हो चुकी ह परन्तु अभी भी लाइलाज नहीं ह आज ऐसी कोई जगह नहीं होगी भारत मे जहा आरक्षण को लेकर वादविवाद नहीं हो एक्चुली मे कुछ जगह सही ह परन्तु  लोग इसका गलत फायदा उठा रहे ह | आज मेरे देश का हर एक नागरिक यही चाहता की आरक्षण की बीमारी से निजात मिले जब मेरा देश एक ह यहा क लोग एक ह फिर सब लोगो मे भेदभाव क्यों  | आरक्षण  की बीमारी को दूर होने और सबको समानता का अधिकार जरुरी ह आज मेरा देश यंग ब्लड से भरा हुआ ह परन्तु रातदिन मेहनत करने पर भी आरक्षण बिच म आ जाता ह | आज बहले ही सरकारी नौकरिया हो हॉस्पिटल हो कही भी आप चले जाओ आरक्षण  आपको दिख जायगा इसी कारण देश का विकाश रोज रोज क वादविवाद बढ़ते जा रहे ह दोस्तों यह मुदा बहुत बड़ा ह हम सब एक ह तो भेदभाव किस बात का | और बात रही आगे बढ़ने की तो आरक्षण की बीमारी को दूर करना पडैगा | यह मुद्दा राजनैतिक सामजिक कैसा भी हो परन्तु आरक्षण की बीमारी का इलाज जरुरी ह और आने  वाले  टाइम मै आरक्षण  बीमारी का इलाज नहीं हुआ तो  क्या क्या हो सकता ह यह आप सब जानते ह आरक्षण एक बीमारी ह यह एक आवाज ह जो देश क कोने कोने तक जानी पहुंच नी चाहिए सरकार को सब चीज़ो को ध्यान मे रक्तै हुए इस बीमारी का इलाज भी करना चाइए | आज USA मे 30 % ज्यादा वैज्ञानिक भारतीय ह , उतने ही इंजीयर | दुनिया की सबसे बड़ी बड़ी कम्पनियों का संचालन भारतीयों द्वारा किया जा रहा ह हमे गर्व ह हम भारतीय ह परन्तु कुछ बीमारियों क होने क कारण हम गूगल नहीं बना पाए फेसबुक नहीं बना पाए सब चीज़ो क लिए दुसरो पर निर्भर होते जा रहे  ह कुछ चीज़ो मे दूसरे देशो से भी सीखना चाइये आज चीन किसी भी दूसरे देश का सोशल मीडिया या बहुत सारी चीज़ो का उपयोग नहीं करता | आज हमारी सोच चीन और अमरीका से बहुत आगे ह परन्तु हार हमारी एक ही जगह होती ह वो ह आरक्षण 

देश की 130 करोड़ की जनता क्या नहीं कर सकती ? मेरे देश की जनता वो सब कुछ कर सकती ह जो चीन और अमरीका जैसे सपने मे भी  सोच नहीं सकते | आज हमारे पास 130 करोड़ खोपडिया ह जो बहुत कुछ कर सकती ह परन्तु जरुरत ह कुछ अच्छे डॉ की जो आरक्षण  बीमारी का इलाज कर सके और डॉ  हम सब ह हम सब को मिलकर एक देश का एक सपना आरक्षण की बीमारी का इलाज करना ह |  यह आप अच्छी तरह सोच सकते ह की आज मेरा हिन्दू राष्ट्र किस और कदम बढ़ा रहा ह और इन बीमारियों का इलाज नहीं हुआ तो क्या होगा 
   आज मेरे देश मे चारो तरफ मारा मारी।
   वजह  बस एक ही आरक्षण की बीमारी।
हम सब एक ह सबको आगे बढ़ने का अधिकार ह | 


क्या मेरे देश मे आरक्षण जैसी  बड़ी बीमारियों का इलाज संभव ह ? 

आप भी अपनी राय दीजिए और बताइय क्या समाधान ह इन चीजो का| 

थैंक्स फॉर योर ओपिनियन 
देश का विकाश हम सब का विकाश - जय भारत जय किसान 


ध्यान दे -यह मेरी निजी राय, विचार और सोच ह |

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