धर्म की राजनीती
राजनीती
यह शब्द बहुत ही बड़ा ह हर जगह अपना महत्व रखता ह आज आप जहा भी देखोगे वहा ही आपको राजनीती आपको नजर आएगी | गांव की परम्परागत राजनीती से लेकर अंतरराट्रीय स्तर तक राजनीती अपना महत्त्व रक्ती ह आज के टाइम मे हर जगह राजनीती का पाठ ह राजनीती करते करते आज देश मे बहुत बड़े बड़े दल भी बन गए ह और हर एक दल अपना अलग मुद्दा रक्ता ह सोल्युशन किसी क पास नहीं होता ह पर छोटी छोटी चीज़ो को बड़े स्तर पर राजनीती का मुद्दा बना देते ह थोड़े दिनों मे लोगो को जोड़ कर राजनीती का दल बना लेते ह और सब अपने स्वार्थ सिद्ध करते रहते ह देश मे सबसे बड़ा मुद्दा धर्म का ह यानि धर्म की राजनीती | आज बहुत सारे राजनीती दल इस मुद्दे बहुत सालो से राजनीती करते आ रहे ह पर आज तक इस समस्या का सॉलूशन नहीं हुआ हर दिन लोग केवल धर्म पर लड़ते ह ऐसा क्यों ,क्योंकि राजनीती वाले लोग ही अपना स्वार्थ पूरा करने क लिए लोगो को बहकाते ह कुछ लोग बिना की चीज़ो का गौर किये लोगो की भीड़ मे शामिल हो जाते ह भीड़ को समझाना तो दूर वो भी उनके साथ पागलो की तरह कूद पड़ते ह और मुद्दों को बड़ा बनाकर धार्मिक भावनाओ क साथ खेलते रहते ह जब भगवान एक ह तो धर्म भी एक ही होना चाइय फिर भी लोग अपना अपना धर्म मानते ह तो मानने तो पर उनकी भावनाओ से खेलना गलत ह किसी धर्म पर अंगुली उठाना गलत ह हर इंसान क खून का रंग एक ह हर इंसान क घर मे रोटी की साइज लगभग बराबर होती ह हर इंसान एक ही ईश्वर की पूजा करता ह भले उसके रूप अलग हो हर इंसान की प्यास पानी से बुझती ह जन्म और मरण हर इंसान का फिक्स ह इतनी सारी चीज़े एक होने क बाद भी राजनीती क्यों | लोगो को एकजूट होकर अपने कार्य करने चाइय ,एक दूसरे की मदद को आगे आना चाइय | हम सब एक जूट होंगे तो हम सब का विकाश होगा
यह शब्द बहुत ही बड़ा ह हर जगह अपना महत्व रखता ह आज आप जहा भी देखोगे वहा ही आपको राजनीती आपको नजर आएगी | गांव की परम्परागत राजनीती से लेकर अंतरराट्रीय स्तर तक राजनीती अपना महत्त्व रक्ती ह आज के टाइम मे हर जगह राजनीती का पाठ ह राजनीती करते करते आज देश मे बहुत बड़े बड़े दल भी बन गए ह और हर एक दल अपना अलग मुद्दा रक्ता ह सोल्युशन किसी क पास नहीं होता ह पर छोटी छोटी चीज़ो को बड़े स्तर पर राजनीती का मुद्दा बना देते ह थोड़े दिनों मे लोगो को जोड़ कर राजनीती का दल बना लेते ह और सब अपने स्वार्थ सिद्ध करते रहते ह देश मे सबसे बड़ा मुद्दा धर्म का ह यानि धर्म की राजनीती | आज बहुत सारे राजनीती दल इस मुद्दे बहुत सालो से राजनीती करते आ रहे ह पर आज तक इस समस्या का सॉलूशन नहीं हुआ हर दिन लोग केवल धर्म पर लड़ते ह ऐसा क्यों ,क्योंकि राजनीती वाले लोग ही अपना स्वार्थ पूरा करने क लिए लोगो को बहकाते ह कुछ लोग बिना की चीज़ो का गौर किये लोगो की भीड़ मे शामिल हो जाते ह भीड़ को समझाना तो दूर वो भी उनके साथ पागलो की तरह कूद पड़ते ह और मुद्दों को बड़ा बनाकर धार्मिक भावनाओ क साथ खेलते रहते ह जब भगवान एक ह तो धर्म भी एक ही होना चाइय फिर भी लोग अपना अपना धर्म मानते ह तो मानने तो पर उनकी भावनाओ से खेलना गलत ह किसी धर्म पर अंगुली उठाना गलत ह हर इंसान क खून का रंग एक ह हर इंसान क घर मे रोटी की साइज लगभग बराबर होती ह हर इंसान एक ही ईश्वर की पूजा करता ह भले उसके रूप अलग हो हर इंसान की प्यास पानी से बुझती ह जन्म और मरण हर इंसान का फिक्स ह इतनी सारी चीज़े एक होने क बाद भी राजनीती क्यों | लोगो को एकजूट होकर अपने कार्य करने चाइय ,एक दूसरे की मदद को आगे आना चाइय | हम सब एक जूट होंगे तो हम सब का विकाश होगा
क्या मेरे देश मे बड़े बदलाव आयंगे। ......

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