भ्रष्टाचार

भ्रष्टाचार
यह शब्द बहुत ही पुराना ह और पुराना ही नहीं बल्कि  दुनिया के हर आदमी से  यह  शब्द का कही न कही से जुड़ा हुआ ह
क्या कभी   किसी नै इस पर ध्यान नही दिया या लोगो नै इसका महत्व नहीं समजा ,नही ऐसा नही ह  बहुत बार बहुत सारे  लोगो नै यह मुदा भी बड़े  लेवल पर उठाया , परन्तु कहि ना  कहि इसका कोई न  कोई मोड चेंज हो ही जाता ह और बात वहा की वहा ही रह जाती ह,

आज भारत ही नहीं पूरा विश्व इसकी चपेट मे ह, बहुत बार नेशनल लेवल पर मुदे आए बहुत सारी बैठके हुई पर आज तक इसका कोई उपाय नहीं आया ,आखिर यह भ्रष्टाचार स्टार्ट कहा से  होता ह ? और क्यों ?

जहा तक मेरी राय ह यह भ्रष्टाचार स्वयं हम से स्टार्ट होता ह और एक एक करते करतै बहुत बड़े लेवल पर चला जाता ह , अब यह हमसे स्टार्ट कैसे हुआ ,यह बात बहुत छोटी ह पर समजना बहुत जरुरी ह आज किसी भी लेवल पर आप अपने स्वार्थ क लिए कोई भी काम पैसा देकर किसी से  करवा लेते  ह ,पैसा एक ऐसी चीज़ ह जो किसी भी बड़े से आदमी को किसी भी लेवल पर ले जा सकता ह पैसे क सामने  हर कोई जुकता ह यह नेचुरल ह फिर भी कुछ लोगो का आचार विचार अलग होता ह भ्रष्टाचार का लेवल  जगह अलग होता ह  और यह एक लाइलाज बीमारी बनती जा रही ह इस पर ध्यान देना ही होगा हर एक आदमी अपने लेवल पर इसमे सुधार लाएगा तब जाकर कोई देश के लेवल पर सुधार आएगा , एक तरफ हमआरी सरकार इस पहलुओं पर काम कर रही ह दूसरी और आए दिन भ्रष्टाचार पर मूवी आ  ह हर एक आदमी यदि अपने लेवल  पर सुधार लाएगा तो देश का कल्याण होगा

आप भी अपनी राय  बताइय इस भ्रष्टाचार की बीमारी का इलाज़ क्या होगा और कैसे इसमे सुधार लाया जाय |



थैंक्स आल ऑफ़ यू

Comments

Ajay singh said…
Corruption had extended it's arms not only up-to money matters. It is there in our mindsets, thoughts, in every action performed during any course of activity throughout day. We need to educate ourselves at spirit level. Children's should be educated against curruption from the very first day of School.
Soch apni apni said…
This comment has been removed by the author.
Soch apni apni said…
Thanks for your feedback really appreciative lines for us and all

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